July 9, 2024
Kamuk Bahan Ki Chudai Ki Kahani

नमस्कार मेरे प्यारे पाठको readxxstories.com पर आप सभी का स्वागत है। मैं साक्षी आज आपके लिए एक फॅमिली सेक्स स्टोरी (Family Sex Story) लेकर आई हूँ। जिसका शीर्षक कामुक बहन की चुदाई की कहानी (Kamuk Bahan Ki Chudai Ki Kahani)।

ये हिंदी सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट के एक पाठक की असल जिंदगी की कहानी है। कहानी का मजा लीजिए।

आगे की हिंदी सेक्स कहानी आलम के शब्दों में है……….

नमस्कार पाठकों, मेरा नाम आलम है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। सबसे पहले मैं आपको अपने परिवार का परिचय करवा देता हूं। मेरी फैमिली में मेरे अम्मी-अब्बू और हम तीन भाई और एक बहन रहते हैं।

अब मैं आपको आपका अपना परिचय दे दूं, मेरी उम्र 23 साल है और मेरी लम्बाई 5’10″ है।

मेरे लंड की लम्बाई 7+ इंच है। मेरी बहन का नाम सकीना है और वो कॉलेज के तीसरे साल में पढ़ती है।

उसका फिगर तो क्या बताओ मैं आपको, एक दम गजब का है।

उसका साइज़ 32″26″34″ है और जब वो चलती है, तो उसकी गांड ऐसी हिलती है, वो किसी को भी अपना दीवाना बना सकती है।

मेरे मोहल्ले के सभी लड़के उसके पीछे पागल हैं।
सकीना घर में सबसे ज्यादा मुझसे ही फ्रैंक है, और मुझसे अपनी हर बार शेयर करती है।

बात तब की है, जब वो 12वीं कक्षा में पढ़ती थी।
एक दिन मेरी बहन मेरे पास आई और मुझसे बोली-

सकीना: मुझे कुछ पैसे चाहिए।

उस वक्त उसने एक लूज टॉप पहना हुआ था। मेरी नज़र तो उससे हट ही नहीं रही थी।
उसने मुझे उसके चुचो को घूरते हुए देख लिया था, मगर वो कुछ बोली नहीं। मैंने उसको पैसे दिए और वो चली गई।

उसके बाद शाम को भाई और अब्बू अपने-अपने काम पर थे और अम्मी बाज़ार गई थीं।
मैं सकीना के कमरे में गया, तो वो उल्टी लेट कर बुक पढ़ रही थी।
मैं उसके पास जा कर बैठ गया और अपना हाथ ऐसे रखा, कि उसकी मोटी गांड को टच हो सके।

मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उंगली से उसकी पीठ को रगड़ना शुरू कर दिया।

जब इसपे वो कुछ नहीं बोली, तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उसकी टांग पर हाथ रख दिया।
वो चुप-चाप बैठी रही और किताब पढ़ती रही।

मैं आहिस्ता से हाथ ऊपर लेकर गया और उसकी गांड पर हाथ रख दिया।
अचानक से उसके मुँह से सिस्की निकल गयी।
फिर तो बस मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया था, उसने उस वक़्त टाइट सलवार-कमीज़ पहन रखी थी।

मैंने उसकी कमीज को ऊपर किया और उसकी सलवार उतार दी और उसकी पैंटी में से उसकी गोरी-गोरी गांड मेरे सामने आ गई।

मेरी बहन भी अब मजे ले रही थी। फिर मैंने उसको सीधा किया और उसकी कमीज भी उतार दी।
अब वो सिर्फ सफ़ेद ब्रा और पैंटी में थी।

उसकी ब्रा में से उसके बूब्स बाहर आने को मचल रहे थे।
सकीना मुझे देख कर बहुत शर्मा रही थी।
मैंने उसके चेहरे पर अपने हाथ रखा और उसके होठों को छू लिया।
वो भी मेरा साथ देने लगी

मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसके होठों के बाद उसकी गर्दन को चूमते हुए, उसके बूब्स पर हमला कर दिया और उसकी ब्रा उतार कर फेंक दी।

सकीना: भाई जल्दी करो ना, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा।

मैं: बहन सब्र तो कर जरा, अभी तो बहुत कुछ बाकी है, अभी तो इससे कई गुना मना आएगा तुझे।

फिर मैंने उसके बूब्स को चुसना शुरू कर दिए और वो जन्नत की सैर करने लगी। मैंने उसके चुचो

के बाद उसकी नाभि में ज़ुबान चलानी शुरू कर दी और वो पगलो की तरह मेरा सिर नाभि में दबाने लगी।

मैं आहिस्ता-आहिस्ता नीचे की तरफ आया और उसकी पैंटी को अपने दांतों से उतार दिया।
अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी थी।
उसकी शेव की हुई गुलाबी चूत से आने वाली खुशबू मुझे दीवाना कर रही थी।
मैंने उस पर अपनी जीभ रख दिया और उसकी चूत को चुसने लग गया।

सकीना: भाई बस करो ना, अब चोद भी दो। आज मार डालोगे क्या?

मैं: अभी कहा मेरी बहन, अभी तो बस शुरुआत हुई है।

सकीना: भाई जल्दी करो, अब और बर्दाश्त नहीं होगा मुझसे ऊऊहह… आआहह…

फिर मैं जल्दी से उठा और अपनी शर्ट और जींस दोनों उतार दिए और अब मैं सिर्फ अंडरवियर में आ गया।
मैंने जैसे ही अंडरवियर उतारा, तो मेरा लंड फन-फनाता हुआ बाहर आ गया।
मेरी बहन मेरे लंड को गौर से देख रही थी।

मैं: सकीना अब इसको मुँह में लो।

सकीना: भाई ये तो बहुत बड़ा है, ये नहीं जाएगा मुँह में।

मैं: तुम कोशिश तो करो चला जायेगा।

फिर वो आराम-आराम से मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लग गई और आहिस्ता-आहिस्ता वो फुल फॉर्म में आ गई और डीप थ्रोट करने लगी। मैं चरम सुख के मजे के कारण आसमान पर था।

फिर मैंने अपनी बहन को बिस्तर पर लिटा दिया और जब उसकी चूत में लंड डालने लगा, तो बहन बोली-

सारा: भाई अभी अम्मी और बाकि सब लोग आते ही होंगे। ये सब फिर कभी कर लेंगे, मैंने भी उसकी बात मान ली।

मैं: अच्छा चूस के तो निकल दे मेरे लंड का ना पानी।

फ़िर मेरी बहन मेरा लंड चुसने लग गयी। उसके मुँह की नरमी के आगे मैं 10 मिनट ही टिक पाया और मेरा पानी निकल गया। उसने थोड़ा सा पानी पी लिया और बाकी नीचे गिरा दिया।

थोड़ी देर के बाद अम्मी वापस आ गई और हम दोनों ऐसे व्यवहार करने लगे जैसे कुछ हुआ ही ना हो।
हम दोनों अब मौके के इंतजार में हैं, लेकिन हमें मौका मिल ही नहीं रहा था।

मैंने सकीना से बात की, तो उसने आइडिया दिया-

सकीना: क्यू ना अम्मी की चाय में नींद की गोलियाँ मिला दी जाये, फिर दिन भर चुदाई करेंगे, और किसी का दर भी नहीं रहेगा।

मुझे उसका ये आइडिया बहुत पसंद आया। फिर अगले ही दिन मैं फार्मेसी से अपने एक दोस्त की मदद से नींद की गोलिया ले आया और सकीना ने अम्मी की चाय में मिला दिया।
गोलियों ने असर दिखाया और अम्मी थोड़ी ही देर में गहरी नींद में चली गई।

मैं और मेरी बहन वॉशरूम में चले गए, ताकि जब खून निकले, तो उसको तुरंत साफ किया जा सके।
वॉशरूम में जाते ही वो मुझसे लिपट गई और मुझे चूमने लगी। हम दोनों तुरंत नंगे हो गए।

उसने नीचे कुछ भी नहीं पहना था। मैंने उसको शॉवर के नीचे खड़ा किया और शॉवर चला दिया।
फिर वो मेरे जिस्म पर और मैं उसके जिस्म पर शैंपू लगाने लगा।

मैंने उसकी चूत और अपने लंड पर ढेर सारा शैम्पू लगाया और फिर बहन को वही वॉशरूम में सीधा खड़ा किया और मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा, तो उसके मुँह से सिस्की निकल गई।

सकीना: भाई अब तो डाल दो, वरना मैं मर जाऊंगी। फाड़ दो मेरी चूत को, ये मुझे बहुत तंग करती है।

इतना सुनने की देर थी, कि मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रखे और एक झटका मारा, जिसके मेरे लंड की टोपी उसकी चूत में घुस गया। उसके मुँह से चीख निकलने लगी, मगर मेरे होठों के नीचे आ कर दब गई।

मैंने एक और धक्का दिया, तो उसकी चूत में मेरा पूरा लंड चला गया और उसकी चूत से खून बहने लगा।

सकीना: आह्ह्ह्ह.. ओह्ह्ह्ह.. अम्मीइइइइइ.. मररर.. गईइइइइइ.. निकलोउओ

मैंने उसकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और लगतार धक्के मारता रहा।
थोड़ी देर बाद उसको भी मजा आने लगा और वो गांड उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।
8-10 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद ही वो झड़ गई, लेकिन मैं उसकी गुलाबी चूत की चुदाई में लगा रहा।

फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में कर दिया और उसकी चूत में लंड डाल दिया।
वो ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ निकाल रही थी।

सकीना: आअहह.. ओह्ह्ह.. फ़क्ककक.. मैं भाईजान और ज़ोर से, आज बना लो मुझे अपनी रंडी, और ज़ोरररर से करररो आह्ह आह्ह आह ओर जोरर जोर से आह आह मर गयी आह आह।

20 मिनट बाद हम दोनो साथ में झड़ गये। फिर हमने शॉवर लिया और बाहर आ गए।
अम्मी अभी तक सो रही थी। उसने मुझे आँख मारी और अपने कमरे में चली गई।

उसको चलने में मुश्किल हो रही थी, इसलिए मैंने उसको पेन किलर दिया, ताकि किसी को शक न हो।
हम दोनों बहुत थके हुए थे, इसलिए हम सोने चले गए।

तो दोस्तों हमारी आज की भाई बहन की चुदाई की कहानी में बस इतना ही। इसके आगे क्या हुआ, मैं आपको अगले कहानी के भाग में बताऊंगा।

तब तक हिंदी सेक्स स्टोरीज (Hindi Sex Stories) को पढ़ते रहिये और मजे लेते रहिए। मैं कोशिस करूंगा की इस कहानी का अगला भाग मैं आप सभी के साथ जल्दी-से-जल्दी सांझा करू।

मेरी बहन की चुदाई की कहानी (Bahan Ki Chudai Ki Kahani) अच्छी लगी हो तो कमेंट कर के जरूर बताए। धन्यवाद।

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