June 18, 2024
Lecturer Ki Gand Ki Chudai

नमस्कार दोस्तों में आप की काजल  फिर से आप सभी के लिए readxxstories.com पर एक और नई Hindi Sex Story ले कर आई हूँ। 

हमारी आज की स्टोरी का शीर्षक है- प्रिंसिपल ने की लेक्चरर की गांड की चुदाई ( Lecturer Ki Gand Ki Chudai

जिस मे आप पढ़ोगे की कैसे लेक्चरर ने अपनी नौकरी बचाने के लिए प्रिंसिपल से जबरदस्त गांड की चुदाई करवाई 

और आगे की कहनी प्रिया जी बतायेँगी आप लोगो को ,

मेरा नाम प्रिया है ,और मैं दिल्ली के Saket  का रहने वाली हूँ

तो चलिए आज की कहानी शुरू करते है।  

हेलो दोस्तों, मैं एक कॉलेज में जूनियर गेस्ट लेक्चरर हूं। मेरी उम्र 28 साल की है, गोरा रंग है,  मैं जब चलती हूं तो गांड की लचक को देख के प्रोफेसर ही नहीं बल्कि कॉलेज के हर स्टूडेंट का भी लंड खड़ा हो जाता है, ऐसा मुझे मेरे सहकर्मियों ने बताया।

अब देसी हिंदी सेक्स स्टोरी ( Desi Hindi Sex Story ) पर आती हूँ. बात कुछ साल पहले की है जब मैं क्लास में कुछ को पढ़ा रही थी, तभी राहुल जो मेरा स्टूडेंट था वो मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था।

मैं ने उसे काई बार वार्निंग दी पर वो माना नहीं। मैंने उसे प्रिंसिपल सर के रूम में जाने के लिए बोला, और वो चला गया। कुछ देर बाद कॉलेज की आखिरी घंटी बजी, और मैं भी प्रिंसिपल सर के कमरे में चली गई ताकि राहुल की शिकायत कर सकू।

पर मैं जब वहां गई तो देखा कि प्रिंसिपल सर नहीं थे, और ना ही राहुल था, तो सोचा कि सर के कमरे में वह बैठकर इंतजार करते है। कुछ देर इंतजार करने के बाद मैंने अपना फोन ऑन किया।

तो देखा मेरी दोस्त रोशनी ने मुझे व्हाट्सएप मैसेज किया है, मैसेज ओपन किया तो वीडियो थी उसमे , और फिर मैंने वीडियो ऑन किया तो देखा रोशनी लंड के ऊपर क्रीम लगा कर उसे चाट रही थी।

रोशनी मेरे कॉलेज की दोस्त थी जो मुझसे भी बड़ी रंडी थी। ये वीडियो देख के मेरी चूत बहुत गिली हो गई थी। मैंने वॉयस रिकॉर्डर ऑन किया है। और बोला, “रंडी, हर दिन नए-नए लंड से चुदती है, मुझे भी कोई लंड दिला दे, इतने दिन हो गए लंड भी नहीं देखा है, और ऊपर से मुझे जलन होने के लिए ये सब वीडियो भेजती रहती है।”

ये मैसेज चला तो गया था पर मुझे एहसास हुआ कि प्रिंसिपल सर खड़े थे। ये सब बात सुन कर गुस्से में बोले, “मैडम, आप ऐसे क्लास में बात करते हो क्या? आप को सस्पेंड कर रहा हूं।”

ये सब सुन कर मेरा दिल और ज़ोर से धड़कने लगा। मैंने सर को सॉरी बोला पर सर ने एक बात भी नहीं सुन रहे थे, बस बोल रहे थे, आप अपना इस्तीफा पत्र लिखो।

मैंने सर की टेबल पर थोड़ा झुक के लेटर लिखना चालू किया तो मेरे बाड़े बाड़े चूचे ( Big Boobs ) ब्लाउज से निकलने लगे। सर की नज़र मेरे चुच्चो पर थी, और वो अनजान बन कर आपने लंड को खड़ा कर रहे थे ।

मैं समझ गई कि अगर नौकरी बचनी है तो अभी कुछ न कुछ करना पड़ेगा। मैं भी साड़ी को थोड़ा साइड करते हुए स्तनों को और दिखाने लगी, और बीच-बीच में पेन को चुच्चो पर रगड़ने लगी।

ये सब देख कर, सर एकदुम से खड़े हुए और अखबार से लंड को छुपाते हुए साइड में रखे सोफे पर बैठ गए। अब मुझे यकीन हो चुका है कि ये मेरी नौकरी का आखिरी दिन है।

लेटर लिख कर मैंने सर को दिया। सर ने लेटर पढ़ा, और मेरी चूची की तरफ देख कर बोला, “क्या तुम लेक्चर के दौरान ऐसी बात करते हो?”

प्रिया – नहीं सर, कभी नहीं.
सर – ओके ठीक है, तुम जा सकती हो.

मैं जाने वाली थी कि मेरी नज़र सर की पैंट की तरफ गई। मैंने सोचा कि अगर सर का लंड खड़ा है तो दिमाग काम कैसे करेगा, मैंने एक बार फिर कोशिश की।

प्रिया – सर जो भी मैंने किया वो गलत था, लेकिन सर गलती ठीक भी तो हो सकती है ना?
सर- ठीक तो हो सकती है पर तुम्हारी गलती बड़ी है।

मैं वही घुटने के बल बैठ गई, और सर की जंघ पकड़ कर सॉरी बोलने लगी। मैं ने सर का लंड पकड़ लिया, और बोली, “सर, प्लीज आप जो बोलोगे वो करूंगी। कृपया एक मौका दें।”

सर ने मेरा हाथ अपने लंड से हटा दिया और कहा, “सेक्स तो मेरी पत्नी के साथ ही करूँगा, तुम से क्यों करु?”

मैंने सर के लंड पे फिर से हाथ रखा और बोली, “सर, क्या आपकी बीवी गांड देती है?”

सर का चेरा पिला पड़ गया. आँख में एक चमक सी आ गाई, और फिर मैंने पूछा, “क्या तुम मेरी गांड की चुदाई ( Gand Ki Chudai ) करोगे ?”

मैने सर के लंड को पैंट के ऊपर से सेहलाते हुवे बोला, “अगर आप इस्तीफा पत्र फाड़ दे तो मैं मेरी गांड फड़वाने को तैयार हूं।”

फ़िर सर ने रजिस्ट्रेशन लेटर फाड़ के मेरे ऊपर उसने फेक दिया। मैंने भी सर को किस करते हुए उनके लंड को पैंट से आज़ाद कर दिया। उनका लंड काफी मोटा और लम्बा था.

अब मुझे समझ आ गया था कि सर की पत्नी गांड में लंड क्यों नहीं लेती। खैर मुझे तो नौकरी बचानी थी, और गांड में लंड लेने में भी डर लग रहा था।

तो मैंने सोचा क्यों ना लंड का पानी ही निकल दू तकी कम से कम गांड तो बच जाये। मैंने सर की पैंट निकाली, और उनके लंड को हिलाते हुए उनके बॉल्स को चाटना शुरू कर दिया।

कुछ देर बाद जब उनका लंड खड़ा हो गया तो लंड को मुँह में ले लिया, और दोनो हाथों से  लंड चुसाई ( Land Chusai )करने लगी । सर ने अपनी आंखें बंद कर ली, और मैं बस ये दुआ कर रही थी कि सर की पिचकारी निकल जाए पर ऐसा नहीं हुआ।

कुछ 10 मिनट चूसने के बाद उन्हें मुझे साड़ी को ऊपर करने को कहा। मैंने सर को अपनी गिली चूत ( Gili Chut ) के दर्शन दिए तो उन्होंने मेरे गीली चूत पर उंगली चलाना शुरू कर दिया।

बेशक मैं रोज चूत में उंगली करती हूं, पर किसी और की उंगली जाए तो चूत को पानी छोड़ने में टाइम भी नहीं लगता, और हुआ भी कुछ ऐसा मैंने पानी छोड़ दिया।

सर ने मुझे टेबल पर झुकाया, चूत का पानी अपने लंड पे लगाया और मेरी गांड में ठोका। लंड को गांड के छेद में रख के एक छोटा सा धक्का मारा।

लंड अन्दर घुस गया, और मेरी आवाज निकल गयी, पर सर नहीं रुके। उन्होंने अब और भी तेज़ धक्का मारा पर इस बार उनका लंड मेरी गांड को चीरता हुआ अंदर घुस गया था।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था. टेबल से उठने की कोशिश की पर सर ने मुझे अपने दोनो हाथो से टेबल पर चिट कर रखा था। 5 मिनट चुदाई  के बाद अब मुझे मजा आने लगा।

पर सर का धक्का थोड़ा कम होने लगा शायद थक गए थे, मैंने पीछे मुड़कर देखा तो सर काफी थक गए थे। मैंने उनका लंड गांड से हटाया, और उन्हें सोफे पर बैठाया, और उनका लंड गांड में घुसा के उछालने लगी।

सर अब मेरे डोनो बूब्ज़ को हिलते देख उनको दबा लिया, और बारी-बारी निपल चूसने लगे। इतना बड़ा लंड मैंने कभी नहीं लिया था, पर आज ऐसा लग रहा था मानो मेरी सारी तमन्ना पूरी हो गई।

मैंने सर से पूछा, “क्यों सर मजा आ रहा है?”

सर ने मेरे निपल को मुँह से निकाल कर बोला, “कॉलेज की सबसे अच्छी गांड चोदने का मजा वह कुछ और है।”

ये बात सुन सर के लंड से मेरे गांड चोदने की स्पीड और भी बढ़ गई। कुछ 20 मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने बोला, “प्रिया मेरा निकलने वाला है।”

मैंने बोला, “तो फिर निकल दो गांड में।”

उनको मेरी गांड पे एक थप्पड़ मारा, और बोला, “सिर्फ मुँह में ही दूंगा।” मैंने वैसा ही किया. उनका लंड अपनी गांड से निकला और चूसने लगी।

वो और जोर से मेरे मुँह को चोदने लगे। मैंने मुँह से लंड हटाने की कोशिश की, पर वो मेरा चेरा पकड़ कर लंड मुँह में दाल के रख दिये। मैंने खिड़की से देखा कि झड़ीया कुछ ज्यादा ही हिल रही है, और कुछ सेकंड बाद सर का गरम-गरम ढेर सारा रस मुंह में डालवा लिया।

और फिर मेरा मुंह भर गया था।सर काफी थक गए थे। मैंने भी साड़ी ठीक की, और सर के बाजू में बैठ गई।

सर ने अभी तक पैंट नहीं पहनी थी। “सर तो आपकी पहली गांड की चुदाई कैसे रही है?” सर जल्दबाजी करते हुवे बोले, “बहुत मजा आया गांड चुदाई  ( Gand Chudai )करने मैं। ।”

प्रिया- तो सर इस्तीफा कैंसल करें ना?
सर- हा आज के लिए कैंसिल।

प्रिया- सर, मैं समझी नहीं.
सर – जितने दिन तुम मुझे ब्लोजॉब, और गांड दोगी उतने दिन कॉलेज में तुम रह सकती हो।

प्रिया – पर सर इसमें मुझे क्या मिलेगा? सब तो आपको मिल रहा है.
सर- तुम अगर मेरी रंडी बनोगी, तो तुम्हें वाइस-प्रिंसिपल बना दूंगा लेकिन 8 महीने के बाद।

मैंने सर का लंड चूमते हुए कहा, “वाइस प्रिंसिपल बने के लिए 3 लंड भी ले लुंगी।” ये बात सुनते ही, सर का लंड फिर से खड़ा हो गया, और फिर मैंने सर को एक ब्लोजॉब दिया, और वाहा से चली गई।

घर जाने के लिए जैसे वह मैं कार में बैठी पर मुझसे दर्द के मारे बैठा नहीं जा रहा था। जैसे -तैसे कर के मैं घर पहुँची, तो देखा राहुल का मैसेज आया है।

“हैलो मैडम, प्रिंसिपल रूम कैसा था?” ओह शिट, मैं तो भूल गई थी कि राहुल को मैंने ही  प्रिंसिपल ऑफिस भेजा था, अब याद आया कि खिड़की के पीछे की झड़ियां इतना क्यों हिल रही थी।

मैंने तुरेंट राहुल को कॉल किया, और कॉल पिक करते हुए बोला, “और मैडम कैसी है गांड आपकी? दर्द हो रहा है तो मैं सेकई करने आ जाऊ?”

मैंने उससे बोला, “अरे प्लीज़ राहुल, बोलो तुम्हें क्या चाहिए? मैं तुम्हें दे दूंगी पर कृपया किसी को कुछ नहीं बताना।”

राहुल ने हस्ते हुए कहा, “मुझे मेरा बदला चाहिए, अपने मेरी क्लास में बेजती की थी उसका बदला।”

मैं बहुत घबरा गई और फिर मैंने कहा ठीक है तुम्हें जो करना है कर लेना पर कृपया किसी को कुछ नहीं बताना।”

अगले भाग में राहुल ने मुझसे कैसे बदला लिया उसकी आगे की कहानी जल्द ही लाऊंगी।…….

तब तक के लिए अलविदा दोस्तों।
ऐसे और xxxकहानी पढ़ने के लिए readxxstories.com पर जाए

धन्यवाद.

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