May 14, 2024
Kamwali Ki Pahli Chudai 2

नमस्कार दोस्तों मैं साक्षी, Hindi Sex Stories की दुनिया में आप सभी का स्वागत करती हूँ। 

आगे की कामवाली सेक्स स्टोरी रोहन के शब्दों में है, कहानी का मजा लीजिए…….

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रोहन है। मैं 26 साल का हूं, और Delhi से हूं। मैं अपनी पिछली कहानी का दूसरा भाग लेकर आया हूँ Kamwali Ki Pahli Chudai 2 इस कहानी में आप पढ़ेंगे की आगे क्या हुआ।

अगर आपने अभी तक पिछला हिस्सा नहीं पढ़ा, तो पहले वो Kamwali Ki Pahli Chudai जरूर पढ़ें। ताकि आपको इस xxx सेक्स कहानी का पूरा मजा मिले।

पिछले हिस्से में आप सब ने पढ़ा था, कि मेरी बीवी अब मुझे उसकी चूत चोदने नहीं देती थी। क्योंकि उसकी चुदाई में दिलचस्पी बहुत काम हो चुकी थी। लेकिन मेरा सेक्स करने का बहुत दिल करता था।

फ़िर एक दिन मैंने अपनी नौकरानी सुधा को हमारी चुदाई देखते हुए पकड़ा। मैंने वीडियो रिकॉर्डिंग में भी चेक किया कि वो काफी दिनों से हमारी चुदाई देखती थी।

फिर जब मेरी बीवी ने मुझे उसको चोदने नहीं दिया, तो मैं सुधा के कमरे में गया, और वहा जाके मैंने उसकी चूत की सील तोड़ दी।

अब Real Hindi Sex Story के आगे चलते हैं, और जानते है आगे क्या हुआ…….

सुधा को चोदने के बाद मेरी उसके लिए हवस और बढ़ गई थी। अब मेरी नज़र उस पर ही रहती थी।
जब वो किचन में खाना बनाती थी, तब मेरी नज़र उसकी गांड पर रहती थी।
पोछा लगते हुए और कपड़े धोते हुए मैं उसकी क्लीवेज के दर्शन कर लेता था।

जब भी मेरी बीवी आस-पास नहीं होती थी, तो मैं उसको पकड़ कर किस कर लेता था, और कभी उसके बूब्स दबा देता था।

सुधा मेरा साथ नहीं देती थी, लेकिन मुझे मना भी नहीं करती थी।
फिर एक दिन मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ, और मेरा फिर से चुदाई का मन हो गया।

मैंने अपनी बीवी के साथ सेक्स करने की कोशिश की, लेकिन उसने हमेशा की तरह मना कर दिया।
हमारी फिर से लड़ाई हुई, और लड़ने के बाद मैं कमरे से बाहर आ गया।
अब मेरे पास सुधा का विकल्प था, तो मैं उसके कमरे में जाने लगा।

वहा जाके मैंने देखा कि उसके कमरे का दरवाजा बंद था, वो भी अंदर से।
मैंने 2-3 बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला।
अब मैं उसको आवाज भी नहीं दे सकता, क्योंकि आवाज गूंजने लगती है।

फिर मैं बाथरूम में गया, और वहां जाके मुठ मार कर अपना लंड हल्का किया।
अगले दिन सुबह जब सुधा को मैंने देखा, तो वो मुझे नज़र नहीं मिल रही थी।
मैं जानता था कि रात को उसने जान-बूझकर दरवाजा नहीं खोला था।

थोड़ी देर बाद मेरी बीवी के मायिके से फोन आया, कि उसके पापा बीमार थे।
तो वो जल्दी से वहा जाने के लिए तैयार होने लगी।
मैं बड़ा खुश था, क्योंकि बीवी के जाने से मुझे सुधा की Chut Ki Chudai का मौका मिल जयगा।

मेरे घर से मेरा ससुराल 4-5 घंटे दूर है। मैंने अपनी बीवी को बस में बिठा दिया, और उसको घर के लिए रवाना कर दिया।
फिर मैं जब घर आया, तो देखा सुधा किचन में काम कर रही थी।
मैंने पीछे से जाके उसको पकड़ लिया, जिसे वो एक-दम से उछल पड़ी। वो बोली-

सुधा: भैया आप ये क्या कर रहे हैं?

मैं: अभी भी भैया बुला रही हो, अब तो मेरे साथ सैयां वाले काम कर चुकी हो।

सुधा: नहीं भैया, मुझे दोबारा आपके साथ वो सब नहीं करना।

मैं: लेकिन मुझे तो करना है ना मेरी जान। उस दिन तो बड़ी गांड उठा-उठा कर चुद रही थी।
अब सती-सावित्री क्यों बन रही है? हमारी चुदाई चुप-चुप देखते हुए भी तो मज़ा लेती थी।
अब मेरे लंड के मजे लेने में क्या परेशानी है।

ये बोल कर मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया, और अपने बेडरूम में ले गया।
अंदर जाके मैंने उसको बिस्तर पर फेंक दिया, और खुद उसके ऊपर कूद पड़ा।
मैंने अपने होंठ उसके होंठ के साथ चिपका दिए, और उसके होंठ चूसने लग गया।

वो अभी भी मना करने की कोशिश कर रही थी।
अगले कुछ मिनट बाद वो भी गर्म होने लगी, और किस करने में मेरा साथ देने लगी।
अब हम दोनों पूरे जोश में किस कर रहे थे।

मैंने चुम्बन करते हुए उसके Big Boobs दबाने शुरू कर दिये। इससे उसकी उत्तेजना और बढ़ गई।
उसने आज भी शर्ट और लेगिंग्स पहनी थी।
फिर मैंने उसका शर्ट उतारा, और ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स दबा कर उसकी क्लीवेज चाटने लगा।
उसके बाद मैंने उसकी ब्रा खोल कर उसके चुचो को आज़ाद किया।

चुचे आज़ाद होते ही मैं उन पर टूट पड़ा, और चूसने लग गया। दोस्तों कसे हुए चुचो को चूसने का मजा ही कुछ और होता है।

चुचे चूस-चूस कर लाल करने के बाद मैं उसकी कमर और पेट को चाटने और छूने लग गया।
फिर मैंने उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसा ली, और उसको चाटने लग गया।

वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी। उसके बाद मैं नीचे आया, और उसकी लेगिंग्स को उसके बदन से अलग कर दिया।
अब वो सेक्सी लड़की मेरे सामने सिर्फ पैंटी में थी।
उसकी पैंटी पर चूत वाली जगह पर गीला-गीला धब्बा नज़र आ रहा था।

मैंने फिर उसकी पैंटी उतारी, और उसकी चूत अब मेरे सामने थी।
उसकी Gulabi Chut को देखते ही मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगा लिया, और उसकी गुलाबी चूत को चूसने लग गया। उसने अपनी जाँघों में मेरा सारा लपेट लिया, और कामुकता भरने लगी।

कुछ देर उसकी चूत चूसने के बाद मैं खड़ा हुआ और अपने सारे कपड़े उतार दिए।
जैसे ही मेरा लंड उसके सामने आया, तो वो बेड पर कुतिया की पोज़ में आ गई, और मेरा लंड हाथ में लेके सहलाने लगी।
मैंने उसको लंड को मुँह में डालने के लिए बोला।

उसने वैसा ही किया, और लंड को मुँह में ले लिया, और चूसने लग गयी।
मैंने उसके बाल पकड़े, और किसी बाज़ारू रंडी की तरह उसके मुँह को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा।
उसके मुँह से थूक बाहर निकल रही थी, और उसको सांस नहीं आ रही थी।

फिर मैंने उसको सीधा लिटाया, और उसके ऊपर आके लंड उसकी चूत में डाल दिया।
मैंने पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में घुसेड़ दिया, जिससे उसकी चीख निकल गई।
फिर मैं ज़ोर-ज़ोर के धक्के देके उसको चोदने लग गया।

वो आह्ह आह्ह कर रही थी, और मैं फुल स्पीड में उसको चोद रहा था।
अब वो भी गांड उठा-उठा कर अपनी चूत में मेरा लंड ले रही थी।
हमारी ये चुदाई 20 मिनट चली, और फिर मैंने अपना पानी उसके पेट पर निकाल दिया।
फिर मैं उसके साइड में ही लेट गया। हम दोनों हांफ रहे थे।

कुछ देर बाद मेरी बीवी का फ़ोन आया। उसकी कॉल देख कर मैं घबरा गया।
उसने कहा कि उसके पापा ज्यादा बीमार है, और उसको वहां कुछ दिन रुकना पड़ेगा।
ये सुन कर मैं और खुश हो गया। फिर मैं बाथरूम होके आया।

जब मैंने सुधा को देखा, तो वो उल्टी लेती हुई थी। वो नंगी थी, और उसकी Moti Gand बड़ी सेक्सी थी।
उसकी मोटी गांड देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लग गया।
मेरा उसकी गांड मारने का दिल करने लगा।

फिर मैंने फटाफट बाथरूम से तेल की बोतल ली, और अपने लंड को पूरा तेल से भीगा लिया।
उसके बाद मैं धीरे से उसके ऊपर गया, और उसकी टांगो पर बैठ गया।
सुधा सो रही थी, और मेरे उसकी टांगो पर बैठने से वो जाग गई। अभी वो नींद में ही थी।

मैंने जल्दी से उसकी गांड के छेद में तेल डाला, और इसे पहले की वो कुछ सोच पाती।
मैंने पूरा जोर लगा कर उसकी गांड के छेद में अपना लंड ढकेल दिया।
मेरा टोपा उसकी गांड में गया, और वो दर्द के मारे तड़पने लगी।

वो टांगे हिला रही थी, लेकिन मेरे ऊपर बैठे होने की वजह से वो हिला नहीं पा रही थी।
दर्द के मारे वो बिस्तर पर अपने हाथ पटक रही थी, और चादर नोच रही थी।
मैं लंड अंदर घुसेड़ने के लिए जोर लगा रहा था।

कुछ मिनट की मेहनत के बाद मेरा पूरा लंड सुधा की गांड में जा चुका था।
वो अभी भी तड़प रही थी, और चिल्ला रही थी।
उसका मुँह बंद करने के लिए मैंने उसके मुँह को तकिये में दबा दिया था।

6-7 मिनट लग गए उसको शांत होते-होते। इतनी देर तक मेरा लंड उसकी गांड में ही था।
उसकी गांड बहुत टाइट थी, जिसकी वजह से मेरा लंड भी दर्द करने लगा था।
फिर जब वो शांत हुई, तो मैंने अपने लंड को उसकी गांड के अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

अब वो आह आह की आवाज निकालने लगी, धीरे-धीरे मेरा लंड आराम से उसकी गांड के अंदर-बाहर होने लगा।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई, और थप्पड़ मार-मार कर उसकी Gand Ki Chudai करने लग गया।
अब वो मजे से गांड चुदवा रही थी।

फ़िर मैं उसकी चूतड़ों पर थप्पड़ मारता हूँ उसकी गांड चोदने लगा। मैंने उसके चूतड़ लाल कर दिये थे मार-मार कर।

15 मिनट तक मैंने उसकी गांड चोदी, और फिर अपना माल उसकी गांड में ही निकाल दिया।
अगले कुछ दिन तक मैंने उसको चोद-चोद कर बेहाल कर दिया।

दोस्तों कैसी लगी आपको ये Kamwali Sex Story कमेंट देके जरूर बताएं। धन्यवाद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Delhi Escorts

This will close in 0 seconds